पहली बार भारत आएंगे अमेरीकी राष्ट्रपति ट्रंप, होंगे कई सारे फायदे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हम सभी जानते हैं वहीं ये भीा पता होगा कि ये हमारे पीएम मोदी को काफी पसंद करते हैं यही वजह है कि इस समय भारत का अमेरीका से रिश्ता और भी ज्यादा गहरा हो गया है। भारत के लिए अमेरीका के साथ अच्छे रिश्ते रखना कई मायने में फायदेमंद है। लेकिन क्या आपको पता है कि फरवरी में भारत का दौरा कर सकते हैं। जी हां इन दोनों देश अभी इस यात्रा को लेकर संभावित तारीखों पर चर्चा कर रहे हैं। वैसे अगर ट्रंप यहां आते हैं ये पहली दफा होगा जब ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर भारत का दौरा करेंगे। ऐसे में ये दौरा कई मायनों में फायदेमंद साबित होने वाला है। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि किसी भी देश ने नहीं की है।

इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका 2018 से अटके व्यापार सौदे पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। खबरों की माने तो भारत को यह उम्मीद है कि ट्रम्प अपने भारत दौरे के दौरान भारत के जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (जीएसपी) स्टेट्स को बहाल कर सकते हैं। यही नहीं खबरें यह भी है कि इस साल नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रम्प भी भारत का दौरा करने के इच्छुक हैं। देखा जाए तो ट्रम्प का यह दौरा अमेरिकी सीनेट द्वारा महाभियोग मुकदमे की अवधि पर निर्भर करेगा। यह मुकदमा यदि सिद्ध हो गया तो ट्रम्प को अपना पद गंवाना पड़ सकता है।
ट्रंप के आने से भारत को होगा फायदा
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि पीएम मोदी की जून 2017 में हुई अमेरिकी यात्रा के दौरान भारत ने ट्रम्प को देश में आने का निमंत्रण दिया था लेकिन फिर ये निमंत्रण 2019 गणतंत्र दिवस परेड में बदल दिया गया। वैसे यह बात अलग है कि ट्रम्प ने इसमें आने से मना कर दिया था। इससे पहले की बात करें तो भारत में आखिरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2015 में भारत का दौरा किया था। वह पहले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति थे जिन्होंने भारत के गणतंत्र समारोह में शिरकत की थी। इसके बाद ट्रंप का यह पहला दौरा होगा।
ऐसे में देखा जाए तो यह दौरा कई मामलों में भारत के लिए फायदेमंद होने वाला है, अगर ट्रंप के आने की तारीख तय हो जाती है तो ये सबसे अच्छी बात होगी। इस बात में कोई 2 राय नहीं है कि अमेरीका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है। अमेरिका के साथ चीन का व्यापार अधिशेष बीते साल घट गया। 2019 में पूरे साल दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्था व्यापार युद्ध में उलझी रहीं।

